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 Chanakya Niti Hindi: चाणक्य एक शिक्षक होने के साथ विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ भी थे. आचार्य चाणक्य की गिनती देश के श्रेष्ठ विद्वानों में की जाती है. चाणक्य को अर्थशास्त्र, राजनीति शास्त्र, कूटनीति शास्त्र और समाज शास्त्र जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों के मर्मज्ञ थे.

चाणक्य के अनुसार व्यक्ति की पहचान उसके कर्मों से बनती है. इसीलिए कर्म को प्रधानता दी गई है. कर्म के क्षेत्र के व्यक्ति सफलता प्राप्त करने के लिए कठोर परिश्रम करता है. लेकिन कभी कभी वो इस क्षेत्र में सफल नहीं हो पाता है. आज भी हर व्यक्ति की इच्छा होत है कि जॉब और करियर में उसे सफलता प्राप्त हो लेकिन ये इतना आसान नहीं होता है. इसलिए चाणक्य ने कुछ बातें बताई हैं जिन्हें ध्यान में रखना चाहिए-

Chanakya Niti: चाणक्य की ये तीन बातें जॉब और करियर में सफलता दिलाती हैं, जानें चाणक्य नीति
Chanakya Niti: चाणक्य की ये तीन बातें जॉब और करियर में सफलता दिलाती हैं, जानें चाणक्य नीति

जीवन में चुनौतियों का मुकाबला करें

चाणक्य के अनुसार व्यक्ति के जीवन में उतार चढ़ाव आते रहते हैं. व्यापार, कर्म के मामले में भी यही बात लागू होती है. जिस प्रकार से हाथ की सभी अंगुली समान नहीं होती हैं उसी तरह से जॉब और करियर में भी हर दिन एक जैसे नहीं होते हैं इनमें भी उतार चढ़ाव की स्थिति बनी रहती है, लेकिन गिरावट आने पर घबराना नहीं चाहिए, बल्कि उनका मुकाबला करना चाहिए. क्योंकि बुरा वक्त हर किसी के जीवन में आता है. लेकिन जो बुरे दौर में हिम्मत नहीं हारते हैं और विपरीत परिस्थितियों का डटकर मुकाबला करते हैं, वे लोग जीवन में बहुत सफलता प्राप्त करते हैं.


प्रतिद्वंदियों पर नजर रखें

चाणक्य के अनुसार हर जगह पर व्यक्ति के प्रतिद्वंदी होते हैं. प्रतिद्वंदी को नकारात्मक नजर नहीं देखना चाहिए, प्रतिद्वंदी आपको आगे बढ़ने और सफल होने के लिए प्रेरित करते हैं. प्रतिद्वंदियों की योजनाओं की जानकारी रखें और उन्हें कभी कमतर नहीं आंके, जब आप बड़े कार्य में लिप्त हों तो अपनी योजनाओं को गुप्त रखें. ऐसा करने से आपके सफल होने की संभावना बनी रहेगी.


साथ देने वालों का सदैव सम्मान करें

चाणक्य के अनुसार जीवन के किसी भी क्षेत्र में यदि आपको सफल होना है तो साथ देने वालों का सदैव सम्मान करो. जो लोग अपने सहयोगियों का सम्मान नहीं करते हैं वे जीवन में बुरा वक्त आने पर अकेले रह जाते हैं.

 Safalta Ki Kunji: चाणक्य की चाणक्य नीति कहती है कि धन का संचय व्यक्ति को मुसीबतों से बचाता है. जो व्यक्ति धन का संचय नहीं करते हैं और बेमतलब धन को खर्च करते हैं वे मुसीबत के समय दुखी और परेशान होते हैं.

मानव जीवन की तीन मुख्य बातों को समझने की जरूरत है. जिसमें तन, मन और धन को शामिल किया गया है. तन से अर्थ है सेहत. स्वस्थ्य शरीर को पूंजी के समान माना गया है. वहीं किसी भी कार्य करने के लिए सबसे जरूरी चीज है मन, यदि मन नहीं तो कोई भी कार्य न करें, उसमें सुख और सफलता नहीं मिलती है. तीसरी चीजे हैं धन. धन के बिना किसी भी प्रकार के सुखों की बात करना बेमानी लगती है. भौतिक युग में धन को विशेष महत्व प्राप्त है. धन व्यक्ति के खराब समय में सच्चे मित्र की भूमिका निभाता है. इसलिए धन की उपयोगिता को समझना बहुत ही जरूरी है.

सफलता की कुंजी: धन कमाने से भी महत्वपूर्ण होता है धन का सही उपयोग, जों नहीं जानते हैं वे उठाते हैं परेशानी
सफलता की कुंजी: धन कमाने से भी महत्वपूर्ण होता है धन का सही उपयोग, जों नहीं जानते हैं वे उठाते हैं परेशानी

गीता के उपदेश में भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन के माध्यम से मानव जाति को जीवन जीने की कला को बताते हैं. गीता के वचन व्यक्ति को मोक्ष का मार्ग दिखाते हैं.

आज के दौर में जीवन जीने के लिए जिन महत्वपूर्ण चीजों की जरूरत पड़ती है, उसमे एक धन भी है. लेकिन कई लोग धन का सही उपयोग नहीं कर पाते हैं, जिस कारण धन उनके लिए चुनौती और परेशानी का कारण बन जाता है.

ध्यान रहे गलत ढंग से प्राप्त किया गया धन, कई प्रकार के रोग, अवगुण और शत्रुता भी लाता है. इसलिए धन के मामले में इन बातों का ध्यान रखना चाहिए.

चाणक्य के अनुसान धन बुरे वक्त में व्यक्ति का सबसे अच्छा मित्र है. जब व्यक्ति का बुरा समय आता है तो सगे संबंधी भी साथ छोड़ देते हैं तब धन ही व्यक्ति की मदद करता है, और समझदार व्यक्ति पुन: अपनी स्थिति को प्राप्त करता है. धन का उपयोग बहुत सोच समझकर करना चाहिए. धन का संचय करना चाहिए. जो लोग धन की बचत नहीं करते हैं, वे जरूरत आने पर संकटों से घिर जाते हैं. धन का सम्मान करो, मानव हित के कार्यों में धन का प्रयोग करना चाहिए. ऐसा करने वाले व्यक्ति ही सम्मान प्राप्त करते हैं.

 Chanakya Niti Hindi: चाणक्य के अनुसार धन के अभाव में व्यक्ति को संघर्ष और कष्टों का सामना पड़ता है. इसलिए धन की चाहत में व्यक्ति को सात समंदर पार भी जाना पड़ता है. चाणक्य के मुताबिक धन को प्राप्त करने के लिए व्यक्ति को जोखिम उठाने के लिए सदैव तैयार रहना चाहिए.

चाणक्य की चाणक्य नीति कहती है कि धन को प्राप्त करना है तो कुछ बातों को अमल में जरूर लाएं. धन परिश्रम और प्रतिभा से आता है. जिस व्यक्ति में ये दोनों ही चीजें है उसे धन की देवी लक्ष्मी का आर्शीवाद प्राप्त होता है. चाणक्य के अनुसार धन की देवी लक्ष्मी का यदि जीवन में आर्शीवाद चाहिए तो इन बातों को हमेशा याद रखना चाहिए.

Chanakya Niti: चाणक्य की ये बातें व्यक्ति बनाती हैं करोड़पति, जानें चाणक्य नीति
Chanakya Niti: चाणक्य की ये बातें व्यक्ति बनाती हैं करोड़पति, जानें चाणक्य नीति

परिश्रम करने के लिए सदैव तैयार रहें

चाणक्य के अनुसार जो व्यक्ति परिश्रम करने के लिए सदैव तैयार रहता है उस पर लक्ष्मी जी की कृपा बनी रहती है. परिश्रम करने वाले कभी असफल नहीं होते हैं. धन के मामले में ऐसे व्यक्ति बहुत जल्द सफलता प्राप्त करते हैं. इसलिए करोड़पति बनना है तो कठोर परिश्रम के लिए अपने आप को हमेशा तैयार रखना चाहिए.


योजना बनाकर लक्ष्य को प्राप्त करें

चाणक्य के अनुसार यदि धनवान बनना है तो व्यक्ति को हर कार्य को योजनाबद्ध तरीके से कराना चाहिए. बड़े लक्ष्य को पाना है तो रणनीति बनाकर कार्य करें. ऐसा करने से सफल होने की संभावना बढ़ जाती है. जो लोग अपने लक्ष्य को पाने के लिए योजना नहीं बनाते हैं वे हमेशा अपने लक्ष्य से दूर रहते हैं.


सफल होने से पहले न करें योजना का खुलासा

चाणक्य के अनुसार व्यक्ति को अपनी महत्वपूर्ण योजनाओं को गुप्त रखना चाहिए. जब तक व्यक्ति अपने मकसद में सफल न हो जाए तब तक अपनी किसी भी योजना का खुलासा नहीं करना चाहिए. ऐसा करने से प्रतिद्वंदी सर्तक हो जाते हैं और समय आने पर हानि भी पहुंचा सकते हैं. इसलिए पैसा वाला यदि बनना है तो अपनी योजनाओं के बारे में तभी बताएं जब आप सफल हो जाएं.


सहयोगियों का सम्मान करें

चाणक्य के अनुसार जीवन में धनवान वही बनता है जो अपने सहयोगियों का पूरा सम्मान करता है. कोई भी व्यक्ति अकेले कोई भी बड़ा कार्य नहीं कर सकता है, उसे कुछ सहयोगियों की जरूरत पड़ती ही है, इसलिए अपने संघर्ष के सहयोगियों को कभी भी नहीं भूलना चाहिए.

 Safalta Ki Kunji: चाणक्य की चाणक्य नीति कहती है कि जिसे लक्ष्मी जी का आर्शीवाद प्राप्त है उसका जीवन से परेशानियां कोसों दूर रहती हैं. लेकिन लक्ष्मी जी का आर्शीवाद प्राप्त करना इतना आसान नहीं है. लक्ष्मी जी उसी व्यक्ति को अपना आर्शीवाद प्रदान करती हैं जिसमें कुछ विशेषताएं हों. ये विशेषताएं कोई भी व्यक्ति अपने भीतर विकसित कर सकता है. जो इन विशेषताओं को अपने भीतर विकसित कर लेता है उसका जीवन लक्ष्मी जी सुख सुविधाओं से पूर्ण बना देती हैं.

पौराणिक कथाओं के अनुसार लक्ष्मी जी उसी व्यक्ति को अपना आर्शीवाद प्रदान करती है, जों अनुशासन, कठोर परिश्रम और परोपकार की भावना रखता है. वहीं ऐसे लोगों को लक्ष्मी जी बिल्कूल भी पसंद नहीं करती हैं.

सफलता की कुंजी: ऐसे लोगों को लक्ष्मी जी नहीं करती हैं पसंद, नहीं करना चाहिए ये गलत काम
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स्वच्छता के नियमों को न मानने वालों से दूर रहती हैं लक्ष्मी जी

पौराणिक ग्रंथों के अनुसार लक्ष्मी जी उस स्थान और व्यक्ति के पास जाना पसंद नहीं करती हैं जो साफ सफाई पर ध्यान नहीं देता है. गंदी भाषा, गंदा स्थान, गंदे विचार आदि से लक्ष्मी जी बहुत दूर रहती है. इसीलिए व्यक्ति को सदैव स्वच्छ रहना चाहिए, साफ वस्त्र धारण करने चाहिए, अच्छे विचार और अच्छा आचरण रखना चाहिए.


गलत संगत से दूर रहें

लक्ष्मी जी उन लोगों को अपना आर्शीवाद नहीं देती हैं जिनकी संगत गलत होती हैं. धर्म ग्रंथ और महापुरूषों की वाणी भी यही कहती है कि व्यक्ति को सदैव अच्छी संगत में बैठना चाहिए अच्छी संगत से अच्छे विचार मन में आते हैं. जो लोग गलत संगत में बैठते हैं वे एक दिन हानि उठाते हैं, ऐसे लोगों को सम्मान भी प्राप्त नहीं होता है.


दूसरों के प्रति प्रेम का भाव रखो

लक्ष्मी जी उस व्यक्ति को अपना आर्शीवाद जरूर देती है जो मानव कल्याण के बारे में सोचते हैं और प्रयास करते हैं. दूसरों के प्रति प्रेम भाव रखने वालों को कभी कष्ट नहीं देती हैं. ऐसे लोगों को समाज में बहुत सम्मान प्राप्त होता है. गीता का उपदेश भी प्रेम के महत्त्व को बताता है. प्रेम सभी प्रकार के सुखों का कारक है.


कमजोर को कभी न सताएं

कमजोर व्यक्ति को जो व्यक्ति परेशान करता है और सताता था उसे लक्ष्मी जी बहुत जल्दी त्याग देती हैं. ऐसे लोगो कठोर दंड पाते हैं.

 Jivan Mantra : आज के भागमभाग वाली जिंदगी में रोज ब रोज हमारे सामने एक न एक परेशानी आती ही रहती है. इन परेशानियों की वजह से कभी-कभी हमारा पूरा जीवन ही प्रभावित हो जाता है. पर वहीँ अगर हम कुछ आसान उपायों को कर लेते हैं तो न केवल हम उन परेशनियों को दूर कर लेते हैं बल्कि उन परेशनियों की वजह से हम अपने जीवन को प्रभावित होने से बचा भी सकते हैं. जैसे-

Jivan Mantra: ये हैं जीवन की हर परेशानी दूर करने के सबसे आसान उपाय, जानें विस्तार से
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सभी परेशानियों / कष्टों को ख़त्म करने के लिए- यदि आपको सभी तरफ से केवल कष्ट ही कष्ट मिल रहा है तो इन कष्टों को ख़त्म करने के लिए हर सोमवार को किसी शिव मंदिर में जाकर कच्चे दूध से शिवलिंग पर अभिषेक करना चाहिए. ऐसा करने से भगवान भोलेनाथ आपकी हर मनोकामना पूरी करेंगे और जीवन की सभी परेशानियां भी ख़त्म हो जाएंगी.

जल्द धनवान बनने के लिए बुधवार को करें यह उपाय- यदि आप जल्द से जल्द धनवान बनना चाहते हैं तो इसके लिए आपको 7 साबुत कौड़ियों को एक मुट्ठी हरे मूंग के साथ लेकर उसे हरे कपड़े में बांध लेना चाहिए. इसके बाद बुधवार के दिन बिना किसी को बताए चुपचाप इस पोटली को किसी मंदिर की सीढ़ियों पर रख देना चाहिए. यह उपाय कम समय में धनवान बनने या आकस्मिक धन पाने की इच्छा रखने वाले को जरूर करना चाहिए.

नकारात्मक ऊर्जा को ख़त्म करने के लिए रविवार को करें यह उपाय- यदि  कोई नकारात्मक ऊर्जा से परेशान है तो उसे रविवार की रात में एक गिलास गाय का दूध अपने सिरहाने रखकर सोना चाहिए. इस दूध को सुबह उठकर स्नान आदि करके बबूल के पेड़ की जड़ में डाल देना चाहिए. ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा ख़त्म होने लगती है और आदमी को सभी कामों में सफलता भी मिलने लगती है.

आर्थिक परेशानी दूर करने के लिए करें यह उपाय- यदि आप आर्थिक परेशानी में हैं तो इसके लिए आपको सोमवार की रात में चंद्रोदय होने के बाद चार चांदी की कील को अपने पलंग के चारों कोनों पर ठोंक देना चाहिए. ऐसा करने से आपकी आर्थिक परेशानी धीरे-धीरे समाप्त हो जाएगी.

 Chanakya Niti Hindi: चाणक्य के अनुसार पति और पत्नी के रिश्ते को कभी कमजोर नहीं होने देना चाहिए. ये रिश्ता जितन अधिक मजबूत होगा जीवन में सुख उतना ही अधिक और परेशानी कम से कम होगी. पति और पत्नी का रिश्ता कमजोर होने से जीवन में कई तरह की परेशानियां लेकर आता है. यह रिश्ता जब कमजोर होता है तो तनाव, क्लेश और आत्म विश्वास में कमी लाता है. चाणक्य के अनुसार व्यक्ति कितना ही प्रतिभाशाली क्यों न हो, यदि उसका दांपत्य जीवन खुशहाल नहीं है तो ऐसा व्यक्ति कभी भी अपनी प्रतिभा का सही उपयोग नहीं कर पाता है.

Chanakya Niti : जीवन में सुख ज्यादा और परेशानी कम चाहते हैं तो पति-पत्नी के रिश्ते को मजबूत बनाएं
Chanakya Niti : जीवन में सुख ज्यादा और परेशानी कम चाहते हैं तो पति-पत्नी के रिश्ते को मजबूत बनाएं

चाणक्य के अनुसार पति और पत्नी को रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए कुछ बातों का हमेशा ध्यान रखना चाहिए, ये बातें दांपत्य जीवन में मधुरता लाती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का कारक बनती हैं-

एक दूसरे को भरपूर समय दें

चाणक्य के अनुसार पति और पत्नी को आपस में अच्छा समय व्यतीत करने का प्रयास करना चाहिए. एक दूसरे को भरपूर समय देना चाहिए. ऐसा करने से रिश्ते को मजबूती मिलती है. वहीं ऐसा करने से निकटता बढ़ती है. जो इस रिश्ते के लिए एक जरूरी चीज है. इसलिए जब भी समय बीताने का अवसर मिले तो इसका उपयोग करना चाहिए.

हर समस्या का मिलकर मुकाबला करें

चाणक्य के अनुसार हर व्यक्ति के जीवन में उतार चढ़ाव आता है. समस्याएं हर किसी के जीवन में आती हैं. लेकिन यदि इन समस्याओं का मिलकर मुकाबला किया जाए तो बड़ी से बड़ी समस्या भी छोटी लगने लगती है. इसीलिए विपत्ति आने पर पति और पत्नी को मिलकर इसका मुकाबला करना चाहिए.

एक दूसरे सम्मान करें

चाणक्य के अनुसार पति और पत्नी को एक दूसरे की भावनाओं का आदर करना चाहिए और एक दूसरे का पूरा सम्मान करना चाहिए. जो इन बातों का ध्यान रखते हैं उनका दांपत्य जीवन सदैव खुशहाल रहता है. पति और पत्नी के रिश्ते में मधुरता बनी रहती है.

 मां लक्ष्मी धन, वैभव और यश की देवी हैं. मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए सभी पूजा अर्चना करते हैं. जिन लोगों पर माता लक्ष्मी की कृपा बरसती है वे खुशहाल जीवन व्यतीत करते हैं. उनके जीवन में किसी भी चीज की कोई कमी नहीं रहती है. ऐसे लोगों को समाज में भी सम्मान प्राप्त होता है.

आज हम आपको बता रहे हैं वे मंत्र जिनके जाप से आप मात लक्ष्मी को प्रसन्न कर सकते हैं.

इन मंत्रों के जाप से मां लक्ष्मी होती हैं प्रसन्न, दूर होती है पैसों से जुड़ी हर समस्या, होता है धनलाभ
इन मंत्रों के जाप से मां लक्ष्मी होती हैं प्रसन्न, दूर होती है पैसों से जुड़ी हर समस्या, होता है धनलाभ


1- ॐ ह्रीं श्री क्रीं क्लीं श्री लक्ष्मी मम गृहे धन पूरये, धन पूरये, चिंताएं दूरये-दूरये स्वाहा:

आप अगर कर्ज में डूबे हैं और लाख कोशिशों के बावजूद आप कर्ज नहीं चुका पा रहे हैं तो इस मंत्र का जाप करें-


2- ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नम:!

इस मंत्र के जाप से आपको कामयाबी मिलती है. इस मंत्र का जाप मां लक्ष्मी की चांदी या अष्टधातु की प्रतीमा के सामने करें.


 3- पद्मानने पद्म पद्माक्ष्मी पद्म संभवे तन्मे भजसि पद्माक्षि येन सौख्यं लभाम्यहम्

इस मंत्र के जाप से घर में अन्न और धन्न की कमी कभी न होती. इस मंत्र का जाप स्टफीक की माला से करना चाहिएय


4- ॐ ह्रीं ह्रीं श्री लक्ष्मी वासुदेवाय नम:!

इस मंत्र का जाप कोई भी शुभ कार्य करने से पहले या किसी काम के लिए घर से बाहर निकलने से पहले करना चाहिए.


5- ओम लक्ष्मी नम:

इस मंत्र का जाप करने से मां लक्ष्मी घर में वास करती हैं. इस मंत्र का जाप कुशा के आसन पर बैठकर करना चाहिए.


6- लक्ष्मी नारायण नम:

इस मंत्र का जाप पति-पत्नि के रिश्तों को मजबूत करने के लिए करना चाहिए क्यों इसमें मां लक्ष्मी और नारायण यानि भगवान विष्णु का नाम एक साथ आता है.


7- धनाय नमो नम:

  ॐ धनाय नम:, ॐ

इन दोनों मंत्रो का जाप करने से धन संबंधित परेशानियां दूर होती हैं.

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